नज़रिए की ताकत: 3 सच्चे उदाहरण जो पैसा, प्यार और समय को देखने का तरीका बदल देंगे

नज़रिए की ताकत: पैसा, प्यार और समय को हम कैसे अलग-अलग तरीके से देखते हैं?

नज़रिए की ताकत हमारी ज़िंदगी को उस तरह प्रभावित करती है, जैसा हम पैसा, प्यार और समय को देखते हैं। चलिए आज हम एक रोमांचक अनुभव करते हैं।

दुनिया में हर व्यक्ति चीजों को देखने का अपना अलग तरीका रखता है। इसमें किसी को सही या गलत कहना मुश्किल है, क्योंकि हर इंसान अपने अनुभव, परिस्थितियों और मानसिकता के आधार पर दुनिया को समझता है और अपने नज़रिए का निर्माण करता है।

नज़रिए की ताकत – जीवन में सोच और मानसिकता का प्रभाव

नज़रिए की ताकत और पैसा कमाने का नजरिया

कुछ लोगों को लगता है कि पैसा कमाना बहुत आसान है। ऐसे लोग चाहे जहाँ भी जाएँ, पैसे कमाने के अवसर ढूँढ ही लेते हैं। उनकी मानसिकता ही ऐसी होती है कि वे हर जगह पैसे की संभावना देखते हैं। कहा जाये तो उनका दुनिया में देखने का नजरिया ही ऐसा है की उन्हें पैसा कमाना बहुत ही आसान लगता है।

इसके विपरीत कुछ लोग कहते हैं:

  • पैसा कमाना मुश्किल है

  • पैसा बचता नहीं है

  • पैसा उनकी ज़िंदगी में कमी बनकर आता है

ये लोग गलत नहीं होते। क्योंकि उनका नजरिया उनके अनुभवों से बना होता है — उन्होंने जीवन में पैसों की कमी देखी होती है, संघर्ष देखा होता है, और लोग कैसे मेहनत कर-करके भी पैसा जुटाते हैं, यह देखा होता है।

इसलिए उनकी मानसिकता बन जाती है कि पैसा कमाना कठिन है — और वही उनकी वास्तविकता बन जाती है। यह नजरिया पैसों को लेकर है जो एक के लिए पैसा कमाना या धन एकत्रित करना बहुत ही आसान है बल्कि यही एक के लिए बहुत ही मुश्किल है।

नज़रिए की ताकत और प्यार को देखने का तरीका

यही बात प्यार पर भी लागू होती है।
कुछ लोगों को लगता है कि लड़की पटाना बहुत आसान है। उनकी मानसिकता में बचपन से प्यार की उपलब्धता रही होती है, इसलिए वे किसी को भी आसानी से इम्प्रेस कर लेते हैं। उनका स्वाभाव नैचुरली ही ऐसा बन जाता है जो लड़कियों के लिए लिए आकर्षक होते हैं।

जबकि जिनके नजरिए में यह होता है कि प्यार पाना मुश्किल है —
वे चाहकर भी रिश्तों को संभाल नहीं पाते और छोटी सी बात में प्यार खो देते हैं। या फिर उन्हें प्यार मिलता ही नहीं नहीं है क्योंकि उनका नजरिया उन्हें बचपन से मिली प्रकृति के के हिसाब से ही ऐसा हो चला है।

यानी, नजरिया जैसे ही बना होता है — वैसा ही अनुभव मिलता है।

नज़रिए की ताकत और समय की मानसिकता

कुछ लोगों को लगता है कि उनके पास हमेशा बहुत समय है।
और सच में उनके दिनचर्या में हमेशा समय की उपलब्धता दिखाई देती है।

इसके विपरीत कुछ लोग हमेशा कहते हैं:

  • “मेरे पास समय नहीं है”

  • “मैं बहुत व्यस्त हूँ”

ऐसा नहीं है कि वे गलत हैं।
उनकी मानसिकता समय की कमी पर केंद्रित होती है, इसलिए उनका दिनचर्या भी उसी हिसाब से बन जाता है।

यह रोचक बात है कि:

  • जिनकी मानसिकता में समय की कमी है, उनके पास काम कितना भी बाँट दें — उन्हें फिर भी समय कम लगेगा।

  • जिनकी मानसिकता में समय की उपलब्धता है, उन्हें कितना भी काम दे दें — उनके पास समय बच ही जाता है।

जीवन पर नज़रिए की ताकत का प्रभाव

 

जीवन में न जाने कितनी चीजें सिर्फ नजरिए की वजह से प्रभावित होती हैं।
लेकिन लोग अपने नजरिए पर काम किए बिना दुनिया, लोगों और यहां तक कि भगवान को भी कोसते रहते हैं।

मैंने यहाँ सिर्फ पैसा, प्यार और समय के तीन उदाहरण दिए हैं।
इसके अलावा भी जीवन में कई क्षेत्र हैं जहाँ हमारी सोच नकारात्मक होने के कारण हम प्रकृति के दिए श्रेष्ठ अवसरों और आनंद से वंचित रह जाते हैं।

सबसे महत्वपूर्ण बात: नज़रिया बदला जा सकता है (नज़रिए की ताकत)

 

नजरिया कभी भी स्थायी नहीं होता।
आप चाहें तो किसी भी क्षेत्र में अपनी मानसिकता पूरी तरह बदल सकते हैं।

पैसा कमाने का नजरिया बदलना चाहते हैं?

  • उन लोगों की संगत करें जो पहले से सफल हैं

  • उनकी सोच समझें

  • पैसों पर किताबें और आर्टिकल पढ़ें

प्यार के नजरिया में बदलाव चाहते हैं?

  • ऐसे लोगों को observe करें जो आसानी से लोगों को इम्प्रेस करते हैं

  • human behaviour और relationship पर किताबें पढ़ें

  • खुद में confidence विकसित करें

समय की कमी से परेशान हैं?

  • उन लोगों से मिलें जो समय का आनंद लेते हैं

  • time-management और life-balance पर किताबें पढ़ें

  • अपनी आदतें बदलें

 

जब नजरिया बदलता है,
दुनिया खुद-ब-खुद बदलने लगती है।

निष्कर्ष (नज़रिए की ताकत):-

 

दुनिया में कुछ भी चीज़ असंभव नहीं है और न ही सब चीज़ संभव है। जिसे हम संभव मानते है और आसान समझते है वो संभव होता है और आसान लगता है और अगर हम किसकी चीज़ को असम्भव मानते हैं और मुश्किल समझते है वो मुश्किल ही होती है।

यहाँ गलत दोनों नहीं है प्रचुरता की मानसिकता वाले के लिए सब उपलब्ध होते हैं और कमी की मानसिकता वालों के लिए सब मुश्किल लगता है।

 

 

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